रोजमर्रा की भाषा में ऐसे अनेक शब्दों का समावेश रहता है जिनका अक्सर अन्य भाषाओं में अलग तरीके से इस्तेमाल होता है। ऐसे शब्दों के साथ उपसर्ग या प्रत्यय जुड़ने से भी नए शब्द बनते हैं और ये शब्द भी अन्य भाषाओं में लोकप्रिय हो जाते हैं। हिन्दी में क्रिकेट…
‘आमतौर पर’ ख़ास चर्चा
उम्मा, उम्मत, अवाम से आम तक ऐसा कुछ, जो ख़ास न हो बोलचाल की भाषा में मुहावरों से रवानी आ जाती है। भाषा ख़ूबसूरत लगने लगती है। दिलचस्प मानी पैदा हो जाते हैं। लय में आ जाती है। हिन्दी में एक मुहावरा हर किसी की ज़बान पर रहता है- ‘आमतौर…
दिवाली भी शुभ है और दीवाली भी शुभ हो
चक्कर छोटी ‘इ’, बड़ी ‘ई’ का क्षेत्रीय प्रभाव हर साल की तरह इस बार भी मित्रों ने दीवाली/दिवाली की वर्तनी के बारे में राय जाननी चाही। किसी से चैट पर, किसी से ईमेल पर, किसी से वाट्सएप पर वॉइस मैसेज और किसी से जीमेल-मैसेंजर के ज़रिए बीते दिनों का जो…
आलपिन का सफरनामा #शब्दकौतुक
आलपिन का सफरनामा #शब्दकौतुक चुभाने-जोड़ने की चीज़ें ▪हिंदी में गाँव से शहर तक और बच्चों से बूढ़ों तक समान भाव से बोला जाने वाला शब्द है ‘आलपिन’ जो यूरोप के सुदूर दक्षिणी पश्चिमी छोर पर जन्मा और अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों से होता हुआ हिंदी में पहुँचा। बीती छह सदियों…